गंगा

हिमालय विश्व के तीन प्रमुख नदी तंत्रों सिंधु, गंगा एवं ब्रह्मपुत्र का उद्गम स्थल है| गंगा नदी जो भारत के लगभग एक तिहाई भौगोलिक क्षेत्र को सिंचित करती है, देश की एक प्रमुख एवं पवित्रतम नदी है| गंगा नदी को जनमानस द्वारा गंगा माता या गंगा जी जैसे सम्मानीय नामों से जाना जाता है| गंगा नदी के अन्य पर्याय विष्णुपदी, देवनदी, सुरसरी, त्रिपथगा, जहानवी, भागीरथी, इत्यादि हैं| जनमानस में यह विश्वास है कि गंगा नदी के पवित्र जल में स्नान करने मात्र से मनुष्य अपने पिछले जन्म के पापों से मुक्ति प्राप्त कर मृत्यु के पश्चात स्वर्ग को प्राप्त कर लेता है| जन मानस में यह भी विश्वास है कि मर्णासीन व्यक्ति के मुख में गंगाजल की कुछ बूंदें डालने से वह मृत्यु के पश्चात स्वर्ग को प्राप्त कर लेता है|

 

गंगा नदी के तट पर अनेकों तीर्थस्थल स्थित हैं| अपने उद्गम के पश्चात यह नदी ऋषिकेश, हरिद्वार, कानपुर, इलाहाबाद, वाराणसी, पटना आदि प्रमुख शहरों से होती हुई अंततः गंगासागर में समुद्र में विलीन हो जाती है|

 

गंगा नदी की प्रमुख सहायक नदियों में यमुना, रामगंगा, सोने, घाघरा, गोमती, टोंस, कोसी, गंडक, महानंदा इत्यादि प्रमुख हैं| इन नदियों के तटों पर पूरे वर्ष अनेकों धार्मिक मेलों का आयोजन किया जाता है| इन मेलों में हरिद्वार एवं इलाहाबाद में प्रत्येक 12 वर्ष के अंतराल पर लगने वाला कुम्भ माला प्रमुख है| इन मेलों में लाखों की संख्या में लोग स्नान करने आते हैं|

 

पुराणों में गंगा नदी के उद्गम के संबंध में अनेकों किवदंतियाँ प्रचलित हैं| प्रमुख किवदंती के अनुसार यह कहा जाता है कि गंगा नदी को महाराज भागीरथ अपने 60000 पूर्वजों के उद्धार के लिए घोर तपस्या करके गंगा नदी को पृथ्वी पर लाये थे| उन्हीं के नाम पर इसे भागीरथी के नाम से जाना जाता है| ऋग्वेद में गंगा नदी को पर्वतराज हिमालय की पुत्री बताया गया है| देवी भागवत में गंगा नदी को भगवान विष्णु की पत्नी बताया गया है| महाभारत में गंगा को महाराज शांतनु की पत्नी एवं भीष्म की माता बताया गया है| गंगा नदी को ऋषि जाहनु की पुत्री के रूप में वर्णित किया गया है|

 

गंगा नदी का आवाह क्षेत्र भारत, नेपाल, तिब्बत, एवं बांगलादेश में स्थित है| गंगा बेसिन उत्तर में हिमालय पर्वत श्रंखलाओं, पश्चिम मेम अरावली की पहाड़ियों, दक्षिण में विंध्या एवं छोटानागपुर प्लेटेउ एवं पूर्व में ब्रह्मपुत्र बेसिन से आच्छादित है| गंगा नदी का उद्गम समुद्र तल से 7010 मीटर की ऊंचाई पर स्थित गंगोत्री हिमनद के निकट उत्तरी अक्षांश 22 डिग्री 30 मिनट से 31 डिग्री 30 मिनट तथा पूर्वी देशांतर 73 डिग्री 30 मिनट से 89 डिग्री पर गौमुख नामक स्थल पर से होता है| यहाँ पर गंगा नदी को भागीरथी के नाम से जाना जाता है| देवप्रयाग में भागीरथी में अलकनंदा नदी के मिलने के पश्चात यह नदी गंगा नदी के नाम से जानी जाती है| अपने उद्गम से गंगा सागर में प्रवाहित होने तक 2525 किलोमीटर की दूरी के मध्य गंगा नदी में यमुना, रामगंगा, सोने, घाघरा, गोमती, टोंस, कोसी, गंडक, महानंदा इत्यादि प्रमुख सहायक नदियाँ मिलती है| गंगा नदी विश्व की 41 वीं तथा एशिया की बीसवीं सबसे बड़ी नदी के रूप में जानी जाती है| गंगा नदी का कुल क्षेत्रफल 1,086,000 वर्ग किलोमीटर है| गंगा नदी का वार्षिक निस्सरण 16,650 घनमीटर/सेकंड तथा सतही जल संभाव्य 525 बिलियन घन मीटर है| नदी का जल निकासी क्षेत्रफल 8,62,769 वर्ग किलोमीटर है, जो देश के कुल भौगोलिक क्षेत्रफल का 26.2% है| 1991 की जनगणना के अनुसार बेसिन में प्रति व्यक्ति जल उपलब्धता 1471 घन मीटर प्रति वर्ष है| भारत में गंगा नदी की संचयन संभाव्यता 8446 करोड़ घन मीटर एवं 60% भार पर जलविद्युत संभाव्यता 10715 मेगा वाट आँकी गई है|

 

गंगा नदी पर निर्मित जल संसाधन परियोजनाओं में गंगा नहर तंत्र, यमुना नहर तंत्र, टिहरी बांध,लखवार बांध, तपोवन विष्णुगढ़ परियोजना, रामगंगा बहूद्देशीय परियोजना, रिहंद बांध, जमरानी बहूद्देशीय परियोजना,राजघाट परियोजना, हलाली बांध, गांधीसागर बांध, राणा प्रताप सागर बांध, चंबल घाटी परियोजना, ओबरा बांध, रामसागर बांध, माताटीला बांध, पार्बती बांध इत्यादि प्रमुख हैं|