| क्र. स. | पाठ्यक्रम का नाम | अवधि | स्थान | समन्वयक |
|---|---|---|---|---|
| 1. | प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन में QGIS के माध्यम से रिमोट सेंसिंग और GIS का उपयोग | 26 फरवरी – 01 मार्च, 2024 | एमबीएम विश्वविद्यालय, जोधपुर | सौरभ नेमा सुदेश सिंह चौधरी |
| 2. | मृदा एवं जल मूल्यांकन उपकरण (SWAT) के माध्यम से जल विज्ञान मॉडलिंग | 24–28 जून, 2024 | आईसीएआर-काजरी, जोधपुर | सौरभ नेमा मलखान सिंह जाटव दिलीप बर्मन |
| 3. | RS और GIS के अनुप्रयोग करके मृदा अपरदन मॉडलिंग | 16–21 फरवरी, 2025 | ऑनलाइन | सौरभ नेमा दिलीप बर्मन अक्षय व्यंकट दहीवले |
| 4. | बाढ़ मॉडलिंग एवं जोखिम आकलन हेतु ओपन-सोर्स और सुलभ समाधान | 22–26 सितंबर, 2025 | हाइब्रिड मोड (एनडब्ल्यूआरसी, जोधपुर / ऑनलाइन) | अक्षय व्यंकट दहीवले सौरभ नेमा सुदेश सिंह चौधरी |
पृष्ठ अंतिम बार दिनांक 31.12.2025 को अपडेट किया गया
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राष्ट्रीय जलविज्ञान संस्थान, रुड़की, भारत